सूतल में रहनी सखिया देखनी सपनवाँ
मधुबनवाँ से कान्हाँ मोरा आवेलें हो लाल।
कइसे तुहूँ जनलु राधा श्याम के अवनवाँ
से केरे तोहे आगम जनावेलें हो लाल।
अंखियाँ फड़कली सखिया चूड़िया खनकली
से ऊधो बाबा अगम जनावेलें हो लाल।
महेन्दर सखिया धरऽना धीरीजवा
से बिहने सबेरे कान्हा अइहन हो लाल।

By shayar

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