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अव्वल तो तेरे कूचे में आना नहीं मिलता

अव्वल तो तेरे कूचे में आना नहीं मिलता आँऊ तो कहीं तेरा ठिकाना नहीं मिलता मिलना जो मेरा छोड़ दिया तू ने तो मुझ से ख़ातिर से तेरी सारा ज़माना…

फिर बाजे बरनै हरीकी मुरलीया सुनोरे

  फिर बाजे बरनै हरीकी मुरलीया सुनोरे, सखी मेरो मन हरलीनो॥१॥ गोकुल बाजी ब्रिंदाबन बाजी। ज्याय बजी वो तो मथुरा नगरीया॥२॥ तूं तो बेटो नंद बाबाको। मैं बृषभानकी पुरानी गुजरियां॥३॥…

इस ज़ख़्मी प्यासे को इस तरह पिला देना पानी

इस ज़ख़्मी प्यासे को इस तरह पिला देना पानी से भरा शीशा पत्थर पे गिरा देना इन पत्तों ने गर्मी भर साये में हमें रक्खा अब टूट के गिरते हैं…

इश्क़-बेबाक को रोके हुए है और ही कुछ,

इश्क़-बेबाक को रोके हुए है और ही कुछ, ख़्वाब-आलूदा निगाहें तेरी बेदार सही. तेरी आहिस्ता-खिरामी भी सुकूने-दिल है, इस रविश में भी तेरी शोखी-ए-रफ़्तार सही. कारवानों को वो गुमराह न…

दर्द दिया है

दर्द दिया है, अश्रु स्नेह है, बाती बैरिन श्वास है, जल-जलकर बुझ जाऊँ, मेरा बस इतना इतिहास है ! मैं ज्वाला का ज्योति-काव्य चिनगारी जिसकी भाषा, किसी निठुर की एक फूँक…

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है

कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है कि ज़िन्दगी तेरी ज़ुल्फ़ों की नर्म छाँव में गुज़रने पाती तो शादाब हो भी सकती थी ये तीरगी जो मेरी ज़ीस्त का…

आना

जो मुखरित कर जाती थी मेरा नीरव आवाहन, मैं ने दुर्बल प्राणों की वह आज सुला दी कम्पन! थिरकन अपनी पुतली की भारी पलकों में बाँधी, निस्पन्द पड़ी हैं आँखें…

चाह

चाहता है यह पागल प्यार, अनोखा एक नया संसार! कलियों के उच्छवास शून्य में तानें एक वितान, तुहिन-कणों पर मृदु कंपन से सेज बिछा दें गान; जहाँ सपने हों पहरेदार,…

मोती मूँगे उतार बनमाला पोई

मोती मूँगे उतार बनमाला पोई॥ अंसुवन जल सींचि सींचि प्रेम बेलि बोई। अब तो बेल फैल गई आणँद फल होई॥ दूध की मथनिया बडे प्रेम से बिलोई। माखन जब काढि…

आख़र पछोतावेंगी कुड़ीए

आख़र पछोतावेंगी कुड़ीए, उठि हुन ढोल मनाय लै नीं ।1।रहाउ। सूहे सावे लाल बाणे, करि लै कुड़ीए मन दे भाणे, इकु घड़ी शहु मूल न भाणे, जासनि रंग वटाय ।1।…

मानिंद-ए-शमा

मानिंद-ए-शमा मजलिस-ए-शब अश्कबार पाया अल क़िस्सा ‘मीर’ को हमने बेइख़्तियार पाया शहर-ए-दिल एक मुद्दत उजड़ा बसा ग़मों में आख़िर उजाड़ देना उसका क़रार पाया इतना न दिल से मिलते न…