Category Archives: Ruchi yamuna

मौला मेरे कर अहसान 

तेरे मेरे क्या दरमियान क्या राज क्या पहचान तू मेरी जात  और मुझसे तेरी पहचान खुदा रहे बस अब यु मेहरबान मौला मेरे कर अहसान इश्क़ अल्लाह का नाम दूजा इश्क़…

हम जी लेंगे

अब तुम बिन जी लेंगे मान होगा मुश्किल सफर पर हम जी लेंगे मेरी मोहब्बत मुझे रास न आई हर कदम पे इक ठोकर है खायी मैं  नादान थी जो…

आखिरी सलाम

शायद आखिरी हो सलाम हमारा इस बार कबूल फ़रमा लेना गर मिलने हम आये तो इस बार गले से लगा लेना शिकवे रहे शिकायते रही तुमसे बहुत इस बार सब…

रब्त

इस कदर रब्त है लोगो को मुझसे के मेरा  नाम सुनते ही तौबा करते हैं इस कदर तुझमे दुब गया ये दिल तुझ मैं के लोग अब मुझमे तेरा ही…

मोहबत भी  इबादत भी

  गर मोहबत भी  इबादत ही है तो ये बदनाम कैसे हुई गर इबादत मैं खलल गुनाह है  तो तो मोहब्बत पे बंदिशे क्या है मोहबत तो मोहब्बत है इसे…

दगा

अक्सर मोहब्बत करते हुए लोग दगा दे जाते है क्यों नफरत मैं  दगा कोई देता नहीं थक जाती है सचाई चिल्लाते  हुए क्यों झूठ चुप रहकर भी जीत जाता हैं…

मैं तो खुद हैरान हु

  दुश्मन चाहिए किसे यहाँ दोस्त ही बहुत है पीठ पे छुरा घोपने के लिए तीर तलवार की जरुरत तो बहुत पहले हुआ करती थी अब तो शब्दों मैं  ही…

खुदाया उसको उम्र नवाज कर

वो जो हल्का सा था भ्रम टूट गया मेरे मन का था ये वहम टूट गया   मैं तो ज़माने की कसमे खाने को तैयार थी उसके लिए लेकिन पर…

माँ तुझे मैं भुला नहीं

माँ की ममता का तोल नहीं माँ तेरे जैसे बोल कही नहीं तू परियो सी नजर आती है मेरे सर पर हरदम अपना हाथ छूकर जाती है तू भूलना मत…

लबो से कह दो

लबो से कह दो मेरा नाम न ले शाम से कह दो के अब सुबह न हो मैं तुम बिन जी तो लूंगा मगर घड़ी घडी सास अटकेगी मैं तुमसे अच्छा…

बचपन की बारिश

आज फिर से बारिशो का पानी आया है बचपन की यादे फिर से महका के लाया है फिर से पूछे दिल आज ये सवाल के कहा से ये कौन लाता…