Category Archives: ‘Kayam’ chandpuri

शब जो दिल बे-करार था क्या था

शब जो दिल बे-करार था क्या था किसी का इंतिज़ार था क्या था चश्म दर पर थी सुब्ह तक शायद कुछ किसी से करार था क्या था मुद्दत-ए-उम्र जिस का…

ओहदे से तेरे हम को बर आया न जाएगा

ओहदे से तेरे हम को बर आया न जाएगा ये नाज़ हे तो हम से उठाया न जाएगा टूटा जो काबा कौन सी ये जा-ए-ग़म है शैख़ कुछ कस्र-ए-दिल नहीं…

मेरा जी गो तुझे प्यारा नहीं है

मेरा जी गो तुझे प्यारा नहीं है पर इतना भी तो ना-कारा नहीं है हैं अक्सर ख़ूब-रू ओबाश लेकिन कोई तुझ सा तो आवारा नहीं है जो दिल ले कर…

हम हैं जिन्हों ने नाम-ए-चमन बू नहीं किया

हम हैं जिन्हों ने नाम-ए-चमन बू नहीं किया आई सबा जिधर से उधर रू नहीं किया हम हैं हवा-ए-नस्ल में उस गुल की दर-ब-दर जिस का सबा ने तौफ-ए-सर-ए-कू नहीं…

दिल मेरा देख देख जलता है

दिल मेरा देख देख जलता है शम्मा का किस पे दिल पिघलता है हम-नशीं ज़िक्र-ए-यार कर के कुछ आज इस हिकायत से जी बहलता है दिल मिज़ा तक पहुँच चुका…

देखा कभू न उस दिल-ए-नाशाद की तरफ

देखा कभू न उस दिल-ए-नाशाद की तरफ करता रहा तू अपनी ही बे-दाद की तरफ जिस गुल ने सुन के नाला-ए-बुलबुल उड़ा दिया रखता है गोश कब मेरी फरियाद की…

दर्द-ए-दिल कुछ कहा नहीं जाता

दर्द-ए-दिल कुछ कहा नहीं जाता आह चुप भी रहा नहीं जाता रू-ब-रू मेरे गैर से तू मिले ये सितम तो सहा नहीं जाता शिद्दत-ए-गिर्या से मैं ख़ून में कब सर…

दर्द पी लेते हैं और दाग़ पचा जाते हैं

दर्द पी लेते हैं और दाग़ पचा जाते हैं याँ बला-नोश हैं जो आए चढ़ा जाते हैं देख कर तुम को कहीं दूर गए हम लेकिन टुक ठहर जाओ तो…