Category Archives: Anil yadav

मैं ही सुदामा हूं

हम दोस्ती निभाते रहे दोस्ताने की तरह आप रंग बदलने लगे जमाने की तरह। कहीं हम खुद को ही बेगाना ना समझ लें पेश आया ना करो यूं हमसे बेगाने…