Category Archives: Anand Narayan Mulla

ज़िंदगी गो कुश्ता-ए-आलाम है

ज़िंदगी गो कुश्ता-ए-आलाम है फिर भी राहत की उम्मीद-ए-ख़ाम है हाँ अभी तेरी मोहब्बत ख़ाम है तेरे दिल में काविश-ए-अंजाम है इश्क़ है मैं हूँ दिल-ए-नाकाम है इस के आगे…

रह-रवी है न रह-नुमाई है

रह-रवी है न रह-नुमाई है आज दौर-ए-शकिस्ता-पाई है अक़्ल ले आई ज़िंदगी को कहाँ इश्क़-ए-नादाँ तेरी दुहाई है है उफ़ुक़ दर उफ़ुक़ रह-ए-हस्ती हर रसाई में नारसाई है शिकवे करता…

ख़मोशी साज़ होती जा रही है

ख़मोशी साज़ होती जा रही है नज़र आवाज़ होती जा रही है नज़र तेरी जो इक दिल की किरन थी ज़माना-साज़ होती जा रही है नहीं आता समझ में शोर-ए-हस्ती…

दुनिया है ये किसी का न इस में क़ुसूर था

दुनिया है ये किसी का न इस में क़ुसूर था दो दोस्तों का मिल के बिछड़ना ज़रूर था उस के करम पे शक तुझे ज़ाहिद ज़रूर था वरना तेरा क़ुसूर…

दिल की दिल को ख़बर नहीं मिलती

दिल की दिल को ख़बर नहीं मिलती जब नज़र से नज़र नहीं मिलती सहर आई है दिन की धूप लिए अब नसीम-ए-सहर नहीं मिलती दिल-ए-मासूम की वो पहली चोट दोस्तों…

भूले से भी लब पर सुख़न अपना नहीं आता

भूले से भी लब पर सुख़न अपना नहीं आता हाँ हाँ मुझे दुनिया में पनपना नहीं आता दिल को सर-ए-उल्फ़त भी है रुसवाई का डर भी उस को अभी इस…

मश्रिक़ का दिया गुल होता है,

मश्रिक़ का दिया गुल होता है, मग्रिब पे सियाही छाती है हर दिल सुन्न-सा हो जाता है, हर साँस की लौ थर्राती है उत्‍तर, दक्षिण पूरब, पश्चिम, हर सम्‍त से…

वतन फिर तुझको पैमाने-वफ़ा देने का वक़्त आया

वतन फिर तुझको पैमाने-वफ़ा देने का वक़्त आया तिरे नामूस पर सब कुछ लुटा देने का वक़्त आया वह ख़ित्ता देवताओं की जहां आरामगाहें थीं जहां बेदाग़ नक़्शे-पाए-इंसानी से राहें…

निगाहों दिल का अफ़साना करीब-ए-इख्तिताम आया ।

निगाहों दिल का अफ़साना करीब-ए-इख्तिताम आया । हमें अब इससे क्या आया शहर या वक्त-ए-शाम आया ।। ज़बान-ए-इश्क़ पर एक चीख़ बनकर तेरा नाम आया, ख़िरद की मंजिलें तय हो…