Category Archives: poet name A

ज़ुल्फ़ तेरी ने परेशाँ किया ऐ यार मुझे

ज़ुल्फ़ तेरी ने परेशाँ किया ऐ यार मुझे तेरी आँखों ने किया आप सा बीमार मुझे दिल बुझा जाए है अग़्यार की शोरिश पे मेरा सर्द करती है तेरी गर्मी-ए-बाज़ार…

तेग़ चढ़ उस की सान पर आई

तेग़ चढ़ उस की सान पर आई देखें किस किस की जान पर आई हम भी हाज़िर हैं खींचिए शमशीर तबा गर इम्तिहान पर आई टुक शिकायत की अब इजाज़त…

न फ़क़त यार बिन शराब है तल्ख़

न फ़क़त यार बिन शराब है तल्ख़ ऐश ओ आराम ओ ख़ुर्द ओ ख़्वाब है तल्ख़ मीठी बातें किधर गईं प्यारे अब तो हर बात का जवाब है तल्ख़ साथ…

मैं तेरे डर से रो नहीं सकता

मैं तेरे डर से रो नहीं सकता गर्द-ए-ग़म दिल से धो नहीं सकता अश्क यूँ थम रहे हैं मिज़गाँ पर कोई मोती पिरो नहीं सकता शब मेरा शोर-ए-गिर्या सुन के…

कहता है कौन हिज्र मुझे सुब्ह ओ शाम हो

कहता है कौन हिज्र मुझे सुब्ह ओ शाम हो पर वस्ल में भी लुत्फ़ नहीं जो मुदाम हो शिकवा किया हो मेरे लब-ए-ज़ख़्म ने कभू तो मुझ पे आब-ए-तेग़ इलाही…

कहा अग़्यार का हक़ में मेरे मंज़ूर मत कीजो

कहा अग़्यार का हक़ में मेरे मंज़ूर मत कीजो मुझे नज़दीक से अपने कभू तो दूर मत कीजो हुए संग-ए-जफ़ा से शीशा-ए-दिल के कई टुकड़े बस अब इस से ज़्यादा…

जा कहे कू-ए-यार में कोई

जा कहे कू-ए-यार में कोई मर गया इंतिज़ार में कोई छोड़ सौ काम आ पहुँच साक़ी जाँ-ब-लब है ख़ुमार में कोई वो भी क्या रात थी कि सोता था सर…

इश्वा है नाज़ है ग़म्ज़ा है अदा है क्या है

इश्वा है नाज़ है ग़म्ज़ा है अदा है क्या है क़हर है सेहर है जादू है बला है क्या है यार से मेरी जो करते हैं सिफ़ारिश अग़्यार मक्र है…

अलअमाँ मेरे ग़मकदे की शाम

अलअमाँ मेरे ग़मकदे की शाम। सुर्ख़ शोअ़ला सियाह हो जाये॥ पाक निकले वहाँ से कौन जहाँ । उज़्रख़्वाही गुनाह हो जाये॥ इन्तहाये-करम वो है कि जहाँ। बेगुनाही गुनाह हो जाये॥

फिर ‘आरजू’ को दर से उठा

फिर ‘आरजू’ को दर से उठा, पहले यह बता। आखिर ग़रीब जाये कहाँ और कहाँ रहे॥ — — — था शौके़दीद ताब-ए-आदाबे-बज़्मेनाज़। यानी बचा-बचा के नज़र देखते रहे॥ अहले-क़फ़स का…