Category Archives: Surdas

मैया री मैं चंद लहौंगौ

मैया री मैं चंद लहौंगौ । कहा करौं जलपुट भीतर कौ, बाहर ब्यौंकि गहौंगौ ॥ यह तौ झलमलात झकझोरत, कैसैं कै जु लहौंगौ ? वह तौ निपट निकटहीं देखत ,बरज्यौ…

मैया मोहिं दाऊ बहुत खिझायो

  मैया मोहिं दाऊ बहुत खिझायो। मो सों कहत मोल को लीन्हों तू जसुमति कब जायो॥ कहा करौं इहि रिस के मारें खेलन हौं नहिं जात। पुनि पुनि कहत कौन…

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी। किती बेर मोहि दूध पियत भइ यह अजहूं है छोटी॥ तू जो कहति बल की बेनी ज्यों ह्वै है लांबी मोटी। काढ़त गुहत न्हवावत जैहै नागिन-सी…

मैया! मैं नहिं माखन खायो।

मैया! मैं नहिं माखन खायो। ख्याल परै ये सखा सबै मिलि मेरैं मुख लपटायो॥ देखि तुही छींके पर भाजन ऊंचे धरि लटकायो। हौं जु कहत नान्हें कर अपने मैं कैसें…