Category Archives: Sahir ludhiyanvi

अभी न जाओ छोड़ कर

अभी न जाओ छोड़ कर के दिल अभी भरा नहीं अभी अभी तो आई हो अभी अभी तो अभी अभी तो आई हो, बहार बनके छाई हो हवा ज़रा महक…

अब कोई गुलशन ना उजड़े

अब कोई गुलशन ना उजड़े अब वतन आज़ाद है रूह गंगा की हिमालय का बदन आज़ाद है खेतियाँ सोना उगाएँ, वादियाँ मोती लुटाएँ आज गौतम की ज़मीं, तुलसी का बन…

अब अगर हमसे ख़ुदाई भी खफ़ा हो जाए

अब अगर हमसे ख़ुदाई भी खफ़ा हो जाए गैर-मुमकिन है कि दिल दिल से जुदा हो जाए जिस्म मिट जाए कि अब जान फ़ना हो जाए गैर-मुमकिन है… जिस घड़ी…

अगर मुझे न मिली तुम

अगर मुझे न मिली तुम तो मैं ये समझूँगा कि दिल की राह से होकर ख़ुशी नहीं गुज़री अगर मुझे न मिले तुम तो मैं ये समझूँगी कि सिर्फ़ उम्र…