Category Archives: poet name S

रिश्ता-ए-उल्फ़त को तोड़ूँ किस तरह ?

रिश्ता-ए-उल्फ़त को तोड़ूँ किस तरह ? इश्क़ से मैं मुँह को मोड़ूँ किस तरह ? पोंछने से अश्क के फ़ुर्सत नहीं, आस्तीं को मैं निचोड़ूँ किस तरह ? बाद मुद्दत हाथ आया है…

मेरे घर में ज़नाख़ी आई कब

मेरे घर में ज़नाख़ी आई कब मैं निगोड़ी भला नहाई कब सब्र मेरा समेटती है वो शब को बोली थी चारपाई कब कल ज़नाख़ी थी मेरे पास किधर ओढ़ बैठी…

मैं तो कुछ कहती नहीं शौक़ से सौ-बारी चीख़

मैं तो कुछ कहती नहीं शौक़ से सौ-बारी चीख़ नाम ले कर मिरी दाई का ददा मारी चीख़ उड़ गए मग़्ज़ के कीड़े तू उधर क्यूँ है खड़ी मेरी चंदिया…

किस से गर्मी का रखा जाए ये भारी रोज़ा

किस से गर्मी का रखा जाए ये भारी रोज़ा सर्दी होवे तो रखे मुझ सी बेचारी रोज़ा देख पंसूरे में तारीख़ बता दे मुझ को अब के आ तो जी…

कश्ती में कुप्पी तेल की अन्ना उंडेल डाल

कश्ती में कुप्पी तेल की अन्ना उंडेल डाल सूखे हैं बाल आ के मिरे सर में तेल डाल या रब शब-ए-जुदाई तो हरगिज़ न हो नसीब बंदी को यूँ जो…

करूँ मैं कहाँ तक मुदारात रोज़

करूँ मैं कहाँ तक मुदारात रोज़ तुम्हें चाहिए है वही बात रोज़ मुझे घर के लोगों का डर है कमाल करूँ किस तरह से मुलाक़ात रोज़ मिरा तेरा चर्चा है…

अब मेरी दो-गाना को मिरा ध्यान है क्या ख़ाक

अब मेरी दो-गाना को मिरा ध्यान है क्या ख़ाक इंसान की अन्ना उसे पहचान है क्या ख़ाक मिलती नहीं वो मुझ को तुम्हीं अब तो बता दो इस बात में…

हरगिज़ कभी किसी से न रखना दिला ग़रज़

हरगिज़ कभी किसी से न रखना दिला ग़रज़ जब कुछ ग़रज़ नहीं तो ज़माने से क्या ग़रज़ फैला के हाथ मुफ़्त में होगे ज़लील हम महरूम तेरे दर से फिरेगी…