Category Archives: poet name S

किसी को उदास देखकर

तुम्हे उदास सी पाता हूं मैं कई दिन से, न जाने कौन से सदमे उठा रही हो तुम? वो शोखियां वो तबस्सुम वो कहकहे न रहे हर एक चीज को…

शिकस्त

अपने सीने से लगाये हुये उम्मीद की लाश मुद्दतों ज़ीस्त को नाशाद किया है मैनें तूने तो एक ही सदमे से किया था दो चार दिल को हर तरह से…

सरज़मीने-यास

जीने से दिल बेज़ार है हर सांस एक आज़ार है कितनी हज़ीं है ज़िंदगी अंदोह-गीं है ज़िंदगी वी बज़्मे-अहबाबे-वतन वी हमनवायाने-सुखन आते हैं जिस दम याद अब करते हैं दिल…

खाना-आबादी

तराने गूंज उठे हैं फजां में शादियानों के हवा है इत्र-आगीं, ज़र्रा-ज़र्रा मुस्कुराता है मगर दूर, एक अफसुर्दा मकां में सर्द बिस्तर पर कोई दिल है की हर आहट पे…

माअजूरी

खलवत-ओ-जलवत में तुम मुझसे मिली हो बरहा तुमने क्या देखा नहीं, मैं मुस्कुरा सकता नहीं मैं की मायूसी मेरी फितरत में दाखिल हो चुकी ज़ब्र भी खुद पर करूं तो…

नज़रे-कालिज

ऐ सरज़मीन-ए-पाक़ के यारां-ए-नेक नाम बा-सद-खलूस शायर-ए-आवारा का सलाम ऐ वादी-ए-जमील मेंरे दिल की धडकनें आदाब कह रही हैं तेरी बारगाह में तू आज भी है मेरे लिए जन्नत-ए-ख़याल हैं…

शाहकार

मुसव्विर मैं तेरा शाहकार वापस करने आया हूं अब इन रंगीन रुख़सारों में थोड़ी ज़िदर्यां भर दे हिजाब आलूद नज़रों में ज़रा बेबाकियां भर दे लबों की भीगी भीगी सिलवटों…

यकसूई

अहदे-गुमगश्ता की तस्वीर दिखाती क्यों हो? एक आवारा-ए-मंजिल को सताती क्यों हो? वो हसीं अहद जो शर्मिन्दा-ए-ईफा न हुआ उस हसीं अहद का मफहूम जलाती क्यों हो? ज़िन्दगी शोला-ए-बेबाक बना…

एक वाकया

अंधियारी रात के आँगन में ये सुबह के कदमों की आहट ये भीगी-भीगी सर्द हवा, ये हल्की हल्की धुन्धलाहट गाडी में हूँ तनहा महवे-सफ़र और नींद नहीं है आँखों में…

एक मंज़र

उफक के दरीचे से किरणों ने झांका फ़ज़ा तन गई, रास्ते मुस्कुराये सिमटने लगी नर्म कुहरे की चादर जवां शाख्सारों ने घूँघट उठाये परिंदों की आवाज़ से खेत चौंके पुरअसरार…

इक खूबसूरत मोड़

चलो इक बार फिर से अज़नबी बन जाएँ हम दोनों न मैं तुमसे कोई उम्मीद रखो दिलनवाज़ी की न तुम मेरी तरफ देखो गलत अंदाज़ नज़रों से न मेरे दिल…

ख़ून अपना हो या पराया हो

ख़ून अपना हो या पराया हो नस्ले-आदम का ख़ून है आख़िर जंग मग़रिब में हो कि मशरिक में अमने आलम का ख़ून है आख़िर बम घरों पर गिरें कि सरहद…