Category Archives: poet name M

उश्शाके तेरे सब थे पर ज़ार था सो मैं था

उश्शाके तेरे सब थे पर ज़ार था सो मैं था जग के ख़राबा अंदर इक ख़्वार था सो मैं था दाख़िल शहीदों में तो लोहू लगा के सब थे शमशीर-ए-नाज़…

तू हम से जो हम-शराब होगा

तू हम से जो हम-शराब होगा बहुतों का जिगर कबाब होगा ढूँढेगा सहाब छुपने को मेहर जिस रोज़ वो बेनक़ाब होगा ख़ूबाँ से न कर मोहब्बत ऐ दिल आमान कहाँ…

तेरा हम ने जिस को तलब-गार देखा

तेरा हम ने जिस को तलब-गार देखा उसे अपनी हस्ती से बे-ज़ार देखा अदा ही हसरत में सब मर गए सच तजल्ली को किस ने ब-तकरार देखा तेरी आँख भर…

पास रह कर देखना तेरा बड़ा अरमान है

पास रह कर देखना तेरा बड़ा अरमान है मुझ को सब मुश्किल है प्यारे तुझ को सब आसान है ऐ मेरे बदमस्त मत कर तू ग़ज़ालों का शिकार ले ने…

नासेहो दिल किस कने है किस को समझाते हो तुम

नासेहो दिल किस कने है किस को समझाते हो तुम क्यूँ दिवाने हो गए हो जान क्यूँ खाते हो तुम मुझ से कहते हो कि मैं हरग़िज नहीं पीता शराब…

मोहब्बत मुँह पे करना और दिल में बेवफ़ाई है

मोहब्बत मुँह पे करना और दिल में बेवफ़ाई है ये आईना यहाँ कहता है कैसी आशनाई है भला बोसा हम उस से आज माँगेंगे किसी ढब से तवक़्क़ो तो नहीं…

काबे ही का अब क़स्द ये गुम-राह करेगा

काबे ही का अब क़स्द ये गुम-राह करेगा जो तुम से बुताँ होगा सो अल्लाह करेगा ज़ुल्फ़ों से पड़ा तूल में अब इश्क़ कर झगड़ा ख़म आन के ये मझला…

जो हम से तू मिला करेगा

जो हम से तू मिला करेगा बंदा तुझ को दुआ करेगा बोसा तू दे कभू मेरी जान मौला तेरा भला करेगा हम तुम बैठेंगे पास मिल कर वो दिन भी…

जितना कोई तुझ से यार होगा

जितना कोई तुझ से यार होगा उतना ही ख़राब ओ ख़्वार होगा हर रोज़ हो रोज़-ए-ईद तो भी तू मुझ से न हम-किनार होगा बस दिल इतना तड़प न चुप…

आह मैं बे-क़रार किस का हूँ

आह मैं बे-क़रार किस का हूँ कुश्ता-ए-इंतिज़ार किस का हूँ तीर सा दिल में कुछ खटकता है देखियो मैं शिकार किस का हूँ दिल है या मैं हूँ मैं हूँ…

जिस का तू आशना हुआ होगा

जिस का तू आशना हुआ होगा उस ने क्या क्या सितम सहा होगा थर-थराता है अब तलक ख़ुर्शीद सामने तेरे आ गया होगा ये तो मैं जानता हूँ झूटों ने…

हुस्न की गर ज़कात पाऊँ मैं

हुस्न की गर ज़कात पाऊँ मैं तो भिकारी तेरा कहाऊँ मैं एक बोसा दो दूसरा तौबा फिर जो माँगूँ तो मार खाऊँ मैं इस तरह लूँ कि भाप भी न…