Category Archives: Daag dehlavi

उज़्र आने में भी है और बुलाते भी नहीं

उज़्र आने में भी है और बुलाते भी नहीं बाइस-ए-तर्क-ए मुलाक़ात बताते भी नहीं मुंतज़िर हैं दमे रुख़सत के ये मर जाए तो जाएँ फिर ये एहसान के हम छोड़…

दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें

दिल गया तुम ने लिया हम क्या करें जानेवाली चीज़ का ग़म क्या करें पूरे होंगे अपने अरमां किस तरह शौक़ बेहद वक्त है कम क्या करें बक्श दें प्यार…

ज़बाँ हिलाओ तो हो जाए,फ़ैसला दिल का

ज़बाँ हिलाओ तो हो जाए,फ़ैसला दिल का अब आ चुका है लबों पर मुआमला दिल का किसी से क्या हो तपिश में मुक़ाबला दिल का जिगर को आँख दिखाता है…

ये जो है हुक़्म मेरे पास न आए कोई

ये जो है हुक़्म मेरे पास न आए कोई इसलिए रूठ रहे हैं कि मनाए कोई ये न पूछो कि ग़मे-हिज्र में कैसी गुज़री दिल दिखाने का हो तो दिखाए…

शौक़ है उसको ख़ुदनुमाई का

शौक़ है उसको ख़ुदनुमाई का अब ख़ुदा हाफ़िज़, इस ख़ुदाई का वस्ल पैग़ाम है जुदाई का मौत अंजाम आशनाई का दे दिया रंज इक ख़ुदाई का सत्यानाश हो जुदाई का…

तेरी महफ़िल में यह कसरत कभी थी

तेरी महफ़िल में यह कसरत कभी थी हमारे रंग की सोहबत कभी थी इस आज़ादी में वहशत कभी थी मुझे अपने से भी नफ़रत कभी थी हमारा दिल, हमारा दिल…

क्यों चुराते हो देखकर आँखें

क्यों चुराते हो देखकर आँखें कर चुकीं मेरे दिल में घर आँखें ज़ौफ़ से कुछ नज़र नहीं आता कर रही हैं डगर-डगर आँखें चश्मे-नरगिस को देख लें फिर हम तुम…

क्या लुत्फ़-ए-सितम यूँ उन्हें हासिल नहीं होता

क्या लुत्फ़-ए-सितम यूँ उन्हें हासिल नहीं होता ग़ुँचे को वो मलते हैं अगर दिल नहीं होता कुछ ताज़ा मज़ा शौक़ का हासिल नहीं होता हर रोज़ नई आँख, नया दिल…

हुस्न-ए-अदा भी खूबी-ए-सीरत में चाहिए,

हुस्न-ए-अदा भी खूबी-ए-सीरत में चाहिए, यह बढ़ती दौलत, ऐसी ही दौलत में चाहिए। आ जाए राह-ए-रास्त पर काफ़िर तेरा मिज़ाज, इक बंदा-ए-ख़ुदा तेरी ख़िदमत में चाहिए । देखे कुछ उनके…

हसरतें ले गए इस बज़्म से चलने वाले

हसरतें ले गए इस बज़्म से चलने वाले हाथ मलते ही उठे इत्र के मलने वाले वो गए गोर-ए-गरीबाँ पे तो आई ये सदा थम ज़रा ओ रविश-ए-नाज़ से चलने…

अच्छी सूरत पे ग़ज़ब टूट के आना दिल का

अच्छी सूरत पे ग़ज़ब टूट के आना दिल का याद आता है हमें हाय! ज़माना दिल का तुम भी मुँह चूम लो बेसाख़ता प्यार आ जाए मैं सुनाऊँ जो कभी…