Category Archives: poet name D

मँद महा मोहक मधुर सुर सुनियत 

मँद महा मोहक मधुर सुर सुनियत धुनियत सीस बँधी बाँसी है री बाँसी है । गोकुल की कुलबधू को कुल सम्हरै नही दो कुल निठारै लाज नासी है री नासी…

मँजुल मँजरी पँजरी सी ह्वै मनोज के ओज सम्हारत चीरन

मँजुल मँजरी पँजरी सी ह्वै मनोज के ओज सम्हारत चीरन । भूँख न प्यास न नीँद परै परी प्रेम अजीरन के जुर जीरन । देव घरी पल जाति घुरी अँसुवान…

बोयो बस बिरद मैँ बोरी भई बरजत

बोयो बस बिरद मैँ बोरी भई बरजत , मेरे बार बार बीर कोई पास बैठो जनि । सिगरी सयानी तुम बिगरी अकेली हौँ ही , गोहन मैँ छाँड़ो मोसोँ भौँहन…

बरुनी बघँबर मैँ गूदरी पलक दोऊ

बरुनी बघँबर मैँ गूदरी पलक दोऊ , कोए राते बसन भगोहेँ भेष रखियाँ । बूड़ी जल ही मैँ दिन जामिनि हूँ जागैँ भौंहैँ । धूम सिर छायो बिरहानल बिलखियाँ ।…

फटिक सिलानि सौं सुधारयौं सुधा मंदिर

फटिक सिलानि सौं सुधारयौं सुधा मंदिर, उदधि दधि को सो अधिकाई उमगे अमंद। बाहर ते भीतर लौं भीति न दिखैए देव, दूध को सो फेन फैल्यौ आँगन फरसबंद। तारा सी…

प्रेम समुद्र परयो गहिरे अभिमान के फेन रह्यो गहि रे मन

प्रेम समुद्र परयो गहिरे अभिमान के फेन रह्यो गहि रे मन । कोप तरँगन ते बहि रे अकुलाय पुकारत क्योँ बहिरे मन । देवजू लाज जहाज ते कूद भरयो मुख…

प्रेम चरचा है अरचा है कुल नेमन रचा है 

प्रेम चरचा है अरचा है कुल नेमन रचा है चित और अरचा है चित चारी को । छोड़्यो परलोक नरलोक बरलोक कहा हरष न सोक ना अलोक नर नारी को…

प्यारे तरु नीजन विपिन तरुनी जन ह्वै 

प्यारे तरु नीजन विपिन तरुनी जन ह्वै निकसी निसंक निसि आतुर अतंक मैँ । गनै न कलँक मृदु लँकनि मयँकमुखी पँकज पगन धाई भागि निसि पँक मैँ । भूषननि भूलि…

पीत रँग सारी गोरे अँग मिलि गई देव ,

पीत रँग सारी गोरे अँग मिलि गई देव , श्रीफल उरोज आभा आभासै अधिक सी । छूटी अलकनि छलकनि जल बूँदनि की , बिना बेँदी बँदन बदन सोभा बिकसी ।…

पाँयनि नूपुर मंजू बजै,कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई

पाँयनि नूपुर मंजू बजै,कटि किंकिनि कै धुनि की मधुराई. सांवरे अंग लसै पट पीत,हिय हुलसै बनमाल सुहाई . माथे किरीट बड़े दृग चंचल,मंद हँसी मुख चन्द जुन्हाई. जै जग-मंदिर-दीपक सुंदर,श्रीबजदूलह…

नासिका ऊपर भौँहन के मधि

नासिका ऊपर भौँहन के मधि कुँकुम बिँदु मृगंमद को कनु । पूँछ ते पँख पसारि उड़्यो मुख ओर खगा लखि मोतिन को गनु । देव कै नैन लुलान पला धरि…