Category Archives: Bekhud Dehlavi

वो देखते जाते हैं कन अँखियों से इधर भी

वो देखते जाते हैं कन अँखियों से इधर भी चलता हुआ जादू है मोहब्बत की नज़र भी उठने की नहीं देखिए शमशीर-ए-नज़र भी पहले ही लचकती है कलाई भी कमर…

पछताओगे फिर हम से शरारत नहीं अच्छी

पछताओगे फिर हम से शरारत नहीं अच्छी ये शोख़-निगाही दम-ए-रूख़्सत नहीं अच्छी सच ये है कि घर से तेरे जन्नत नहीं अच्छी हूरों की तेरे सामने सूरत नहीं अच्छी भूले…

मुझ को न दिल पसंद न वो बे-वफा पसंद

मुझ को न दिल पसंद न वो बे-वफा पसंद दोनों है ख़ुद-ग़रज मुझे दोनों हैं ना-पसंद ये दिल वही तो है जो तुम्हें अब है ना पसंद माशूक कर चुके…

माशूक हमें बात का पूरा नहीं मिलता

माशूक हमें बात का पूरा नहीं मिलता दिल जिस से मिलाएँ कोई ऐसा नहीं मिलता दुनिया में अगर ढूँढिए तो क्या नहीं मिलता सब मिलते हैं इक चाहने वाला नहीं…

लड़ाएँ आँख वो तिरछी नज़र का वार रहने दें

लड़ाएँ आँख वो तिरछी नज़र का वार रहने दें लड़कपन है अभी नाम-ए-खुदा तलवार रहने दें कहें किस मुँह से अपना आईना-बरदार रहने दें तमन्ना है ग़ुलामी में हमें सरकार…

ख़ुदा रखे तुझे मेरी बुराई देखने वाले

ख़ुदा रखे तुझे मेरी बुराई देखने वाले वफा-दारी में तर्ज़-ए-बे-वफ़ाई देखने वाले सँभल अब नाला-ए-दिल की रसोई देखने वाले कयामत ढाएँगे रोज़-ए-जुदाई देखने वाले तेरे ख़ंजर को भी तेरी तरह…

कब तक करेंगे जब्र दिल-ए-नासबूर पर

कब तक करेंगे जब्र दिल-ए-नासबूर पर मूसा तो जा के बैठ रहे कोह-ए-तूर पर कोई मुझे बताए कि अब क्या जवाब दूँ वो मुझ से उज्र करते हैं मेरे कुसूर…

हिजाब दूर तुम्हारा शबाब कर देगा

हिजाब दूर तुम्हारा शबाब कर देगा ये वो नशा है तुम्हें बे-हिजाब कर देगा मेरा ख़याल मुझे कामयाब कर देगा ख़ुदा इसी को ज़ुलेखा का ख़्वाब कर देगा मेरी दुआ…

दे मोहब्बत तो मोहब्बत में असर पैदा कर

दे मोहब्बत तो मोहब्बत में असर पैदा कर जो इधर दिल में है या रब वो उधर पैदा कर दूद-ए-दिल इश्‍क़ में इतना तो असर पैदा कर सर कटे शमअ…

बे-वफ़ा कहने से क्या वो बे-वफ़ा हो जाएगा

बे-वफ़ा कहने से क्या वो बे-वफ़ा हो जाएगा तेरे होते इस सिफ़त का दूसरा हो जाएगा शर्त कर लो फिर मुझे बर्बाद होना भी क़ुबूल ख़ाक में मिल कर तो…