Category Archives: Taajvar Najibabaad

ऐ आरज़ू-ए-शौक़ तुझे कुछ ख़बर है आज 

ऐ आरज़ू-ए-शौक़ तुझे कुछ ख़बर है आज हुस्न-ए-नज़र-नवाज़ हरीफ़-ए-नज़र है आज हर राज़दाँ है हैरती-ए-जलवा-हा-ए-राज़ जो बा-ख़बर है आज वही बे-ख़बर है आज क्या देखिए कि देख ही सकते नहीं…

हश्र में फिर वही नक़्शा नज़र आता है मुझे 

हश्र में फिर वही नक़्शा नज़र आता है मुझे आज भी वादा-ए-फ़र्दा नज़र आता है मुझे ख़लिश-ए-इश्क़ मिटेगी मिरे दिल से जब तक दिल ही मिट जाएगा ऐसा नज़र आता…

नंग-ए-आशिक़ी है वो नंग-ए-ज़िन्दगी है वो

हुस्न-ए-शोख़-चश्म में नाम को वफ़ा नहीं दर्द-आफ़रीं नज़र दर्द-आश्ना नहीं नंग-ए-आशिक़ी है वो नंग-ए-ज़िन्दगी है वो जिस के दिल का आईना तेरा आईना नहीं आह उस की बे-कसी तू न…

मोहब्बत में ज़ियाँ-कारी मुराद-ए-दिल न बन जाए 

मोहब्बत में ज़ियाँ-कारी मुराद-ए-दिल न बन जाए ये ला-हासिल ही उम्र-ए-इश्क़ का हासिल न बन जाए मुझी पर पड़ रही है सारी महफ़िल में नज़र उन की ये दिलदारी हिसाब-ए-दोस्ताँ…

मोहब्बत में ज़बाँ को मैं नवा-संज-ए-फ़ुग़ाँ कर लूँ 

मोहब्बत में ज़बाँ को मैं नवा-संज-ए-फ़ुग़ाँ कर लूँ शिकस्ता दिल की आहों को हरीफ़-ए-ना-तवाँ कर लूँ न मैं बदला न वो बदले न दिल की आरज़ू बदली मैं क्यूँ कर…