Category Archives: Imam baksh ‘Nasikh’

होनी है शहीद एक न इक रोज़ तमन्ना

होनी है शहीद एक न इक रोज़ तमन्ना मौक़ूफ़ हो क्या मर्सिया-ख़्वानी मिरे दिल की पीरी में भी मिलता है जो कम-सिन कोई महबूब करती है वहीं औद जवानी मिरे…

सनम कूचा तिरा है ओर मैं हूँ

सनम कूचा तिरा है ओर मैं हूँ से ज़िंदान-ए-दग़ा है और मैं हूँ यही कहता है जल्वा मेरे बुत का कि इक ज़ात-ए-ख़ुदा है और मैं हूँ इधर आने में…

सब हमारे लिए ज़ंजीर लिए फिरते हैं 

सब हमारे लिए ज़ंजीर लिए फिरते हैं हम सर-ए-जुल्फ़-ए-गिरह-गीर लिए फिरते हैं कौन था सैद-ए-वफ़ादार कि अब तक सय्याद बाल-ओ-पर उस के तिरे तीर लिए फिरते हैं तू जो आए…

रूए जानां का तसव्वुर में जो नज़ारा हुआ 

रूए जानां का तसव्वुर में जो नज़ारा हुआ दिल में था जो दाग़-ए-हसरत अर्श का तारा हुआ महफिल मय में जो तू आया बराए मय कशी था जो शीश जोश-ए-मै…

ज़ोर है गर्मी-ए-बाज़ार तेर क़ूचे में 

ज़ोर है गर्मी-ए-बाज़ार तेर क़ूचे में जमा हैं तेरे ख़रीदार तेरे कूचे में देख कर तुझ को क़दम उठ नहीं सकता अपना बन गए सूरत-ए-दीवार तेरे कूचे में पाँव फैलाए…

क़ामत-ए-यार को हम याद किया करते हैं

क़ामत-ए-यार को हम याद किया करते हैं सरो को सदक़े में आज़ाद किया करते हैं कूच-ए-याद को हम याद किया करते हैं जाके गुल ज़ार में फ़रियाद किया करते हैं…

पोंछता अश्क अगर गोश-ए-दामां होता 

पोंछता अश्क अगर गोश-ए-दामां होता चाक करता मैं जुनूं में जो गरीबां होता माल मिलता जो फ़लक से ज़रर जां होता सर न होता जो मयस्सर मुझे सामां होता मुँह…

ख़्याल-ए-यार में दिल शादमां है

ख़्याल-ए-यार में दिल शादमां है नहीं है ग़म जो नज़रों से नहां है तसव्वुर सीम तन का दिल में है गंज ख़्याल-ए-यार का कुल पासबां है तकल्लुम ही फ़क़त है…

कौन सा तन है कि मिस्ल-ए-रूह इस में तू नहीं 

कौन सा तन है कि मिस्ल-ए-रूह इस में तू नहीं कौन गुल है जो मिरा मस्कन ब-रंग-ए-बू नहीं जाम-ए-नर्गिस में कहाँ शबनम जो निकले आफ़्ताब यार के आगे मिरी आँखों…

जब वो मस्जिद में अदा करते हैं

जब वो मस्जिद में अदा करते हैं सब नमाज़ अपनी क़ज़ा करते हैं जिन की रफ़्तार के पामाल हैं हम वही आँखों में फिरा करते हैं तेरे घर में जो…

जान हम तुझ पे दिया करते हैं

जान हम तुझ पे दिया करते हैं नाम तेरा ही लिया करते हैं चाक करने क लिए ऐ नासेह हम गरेबान सिया करते हैं साग़र-ए-चश्म से हम बादा-परस्त मय-ए-दीदार पिया…

इस अबर में यार से जुदा हूं

इस अबर में यार से जुदा हूं बिजल की तरह तड़प रहा हूं दिन-रात तसव्वुर परी है दीवाना में इन दिनों बना हूं गो बैठ रहा हूं इक जा लैक…