Category Archives: Gulam Hamdani ‘Musahfi’

लगता नहीं है जी मेरा उजड़े दयार में 

लगता नहीं है जी मेरा उजड़े दयार में किस की बनी है आलम-ए-नापायेदार में कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-दाग़दार में उम्र-ए-दराज़…

आशिक़ तो मिलगें तुझे इंसाँ न मिलगा

आशिक़ तो मिलगें तुझे इंसाँ न मिलगा मुझ सा तो कोई बंद-ए-फरमाँ न मिलेगा हूँ मुंतज़िर-ए-लुत्फ़ खड़ा कब से इधर देख क्या मुझ को दिल ऐ तुर्र-ए-जानाँ न मिलेगा कहने…

आतिश-ए-ग़म में इस के जलते हैं

आतिश-ए-ग़म में इस के जलते हैं शम्मा साँ उस्तुख़्वाँ पिघलते हैं वही दश्त और वही गिरबाँ चाक जब तलक हाथ पाँव चलते हैं देख तेरी सफ़ा-ए-सूरत को आईने मुँह से…

आशिक़ तो मिलगें तुझे इंसाँ न मिलगा

आशिक़ तो मिलगें तुझे इंसाँ न मिलगा मुझ सा तो कोई बंद-ए-फरमाँ न मिलेगा हूँ मुंतज़िर-ए-लुत्फ़ खड़ा कब से इधर देख क्या मुझ को दिल ऐ तुर्र-ए-जानाँ न मिलेगा कहने…

आसाँ नहीं है तन्हा दर उस का बाज़ करना

आसाँ नहीं है तन्हा दर उस का बाज़ करना लाज़िग है पास बाँ से अब हम को साज़ करना गर हम मुशीर होते अल्लाह के तो कहते यानी विसाल की…

आज पलकों को जाते है आँसू

आज पलकों को जाते है आँसू उल्टी गंगा बहाते है आँसू आतिश-ए-दिल तो ख़ाक बुझती है और जी को जलाते है आँसू ख़ून-ए-दिल कम हुआ मगर जो मेरे आज थम…

उस रस्क-ए-मह को याद दिलाती है चाँदनी

उस रस्क-ए-मह को याद दिलाती है चाँदनी हर रात मुझ को आ के सताती है चाँदनी आब-ए-रवाँ में हुस्न मिलाती है चाँदनी हर मौज में घटी नज़र आती है चाँदनी…

वो चाँदनी रात और वो मुलाक़ात का आलम

वो चाँदनी रात और वो मुलाक़ात का आलम क्या लुत्फ़ में गुजरा है ग़रज़ रात का आलम जाता हूँ जो मजलिस में शब उस रश्क-परी की आता है नज़र मुझ…

उम्र-ए-पस-मांदा कुछ दलील सी है

उम्र-ए-पस-मांदा कुछ दलील सी है ज़िंदगानी शी अब क़लील सी है गिर्या करता हूँ क्या मैं नज़र-ए-हुसैन आँसुओं की जो इक सबील सी है चला दिला वो पतंग उड़ाता है…

तुम भी आओगे मेरे घर जो सनम क्या होगा

तुम भी आओगे मेरे घर जो सनम क्या होगा मुझ पर इक रात करोगे जो करम क्या होगा एक आलम ने किया है कि सफ़र-ए-मुल्क-अदम हम भी जावेंगे अगर सू-ए-अदम…

शब-ए-हिज्राँ में था और तन्हाई का आलम था

शब-ए-हिज्राँ में था और तन्हाई का आलम था ग़रज उस शब अजब ही बे-सर-ओ-पाई का आलम था गिरेबाँ गुँच-ए-गुल ने किया गुलशन में सौ टुकड़े के हर फुंदुक़ पर उस…