Category Archives: Gopal Das “Neeraj”

तब मेरी पीड़ा अकुलाई!!

तब मेरी पीड़ा अकुलाई! जग से निंदित और उपेक्षित, होकर अपनों से भी पीड़ित, जब मानव ने कंपित कर से हा! अपनी ही चिता बनाई! तब मेरी पीड़ा अकुलाई! सांध्य…

किसलिए आऊं तुम्हारे द्वार ?

जब तुम्हारी ही हृदय में याद हर दम, लोचनों में जब सदा बैठे स्वयं तुम, फिर अरे क्या देव, दानव क्या, मनुज क्या? मैं जिसे पूजूं जहां भी तुम वहीं…

विश्व चाहे या न चाहे

विश्व चाहे या न चाहे, लोग समझें या न समझें, आ गए हैं हम यहाँ तो गीत गाकर ही उठेंगे। हर नज़र ग़मगीन है, हर होठ ने धूनी रमाई, हर…

तुम्हारे बिना आरती का दीया

तुम्हारे बिना आरती का दीया यह न बुझ पा रहा है न जल पा रहा है। भटकती निशा कह रही है कि तम में दिए से किरन फूटना ही उचित…

एक तरे बिना प्राण ओ प्राण के ! 

एक तरे बिना प्राण ओ प्राण के ! साँस मेरी सिसकती रही उम्र-भर ! बाँसुरी से बिछुड़ जो गया स्वर उसे भर लिया कंठ में शून्य आकाश ने, डाल विधवा हुई जोकि…

एक बस तुम ही नहीं मिले जीवन में

पीड़ा मिली जनम के द्वारे अपयश नदी किनारे इतना कुछ मिल पाया एक बस तुम ही नहीं मिले जीवन में हुई दोस्ती ऐसी दु:ख से हर मुश्किल बन गई रुबाई,…

जिंदगी में प्यार की कहानी चाहिए

आदमी को आदमी बनाने के लिए जिंदगी में प्यार की कहानी चाहिए और कहने के लिए कहानी प्यार की स्याही नहीं, आँखों वाला पानी चाहिए। जो भी कुछ लुटा रहे…

बेशरम_समय_शरमा_ही_जाएगा_

बूढ़े अंबर से माँगो मत पानी मत टेरो भिक्षुक को कहकर दानी धरती की तपन न हुई अगर कम तो सावन का मौसम आ ही जाएगा मिट्टी का तिल-तिलकर जलना…

सेज पर साधें बिछा लो, आँख में सपने सजा लो

सेज पर साधें बिछा लो, आँख में सपने सजा लो प्यार का मौसम शुभे! हर रोज़ तो आता नहीं है। यह हवा यह रात, यह एकाँत, यह रिमझिम घटाएँ, यूँ…

आदमी हो तुम कि उठा आदमी को प्यार दो

सूनी-सूनी ज़िंदगी की राह है, भटकी-भटकी हर नज़र-निगाह है, राह को सँवार दो, निगाह को निखार दो, आदमी हो तुम कि उठा आदमी को प्यार दो, दुलार दो। रोते हुए…

जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना 

जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए। नई ज्योति के धर नए पंख झिलमिल, उड़े मर्त्य मिट्टी गगन स्वर्ग छू ले, लगे रोशनी की…

प्रेम-पथ हो न सूना कभी

प्रेम-पथ हो न सूना कभी इसलिए जिस जगह मैं थकूँ, उस जगह तुम चलो। क़ब्र-सी मौन धरती पड़ी पाँव परल शीश पर है कफ़न-सा घिरा आसमाँ, मौत की राह में,…