Category Archives: Chand Shukla Hadiyabadi

साथ क्या लाया था मैं और साथ क्या ले जाऊँगा

साथ क्या लाया था मैं और साथ क्या ले जाऊँगा जिनके काम आया हूँ मैं उनकी दुआ ले जाऊँगा ज़िंदगी काटी है मैंने अपनी मैंने सहरा के करीब एक समुन्दर…

दो दिन का मेहमान है तेरी यादों का

दो दिन का मेहमान है तेरी यादों का उसपे यह एहसान है तेरी यादों का आतीं हें तो फिर जाने का नाम नहीं यह कैसा रुझान है तेरी यादों का…

आ रहा है देखना जश्ने बहारां आएगा 

आ रहा है देखना जश्ने बहारां आएगा चाँद तारे माँग में उसकी कोई भर जाएगा नाच उठेगी खुशी से झूम कर वो महजबीं उसके आँगन में कोई जुगनू सजा कर…

मेरे वजूद में बनके दिया वो जलता रहा

मेरे वजूद में बनके दिया वो जलता रहा वो इक ख़याल था रोशन ज़हन में पलता रहा बस गई काले गुलाबों की वो खुशबू रूह में हसीन याद का संदल…

किसी के प्यार के क़ाबिल नहीं है

किसी के प्यार के क़ाबिल नहीं है मुहब्बत के लिए ये दिल नहीं है बड़ा ही ग़मज़दा बे आसरा है जे कुछ भी हो मगर बुज़दिल नहीं है मुहब्बत में…

कौन कहता है लबो रुख़सार की बातें न हों

कौन कहता है लबो रुख़सार की बातें न हों सुर्खियों की बात हो अख़बार की बातें न हों दुश्मनों का जो रवैया है ये उन पे छोड़ दो दोस्तों में…

ख़ुशबुओं की तरह महकते गए 

ख़ुशबुओं की तरह महकते गए तेरी ज़ुल्फ़ों के साए डसते गए जो न होना था वो हुआ यारो भीड़ थी रास्ते बदलते गए न मिला तू न तेरे घर का…

दरमियाँ यों न फ़ासिले होते

दरमियाँ यों न फ़ासिले होते काश ऐसे भी सिलसिले होते हमने तो मुस्करा के देखा था काश वोह भी ज़रा खिले होते ज़िन्दगी तो फ़रेब देती है मौत से काश…

ग़म गुसारों की बात करते हो 

ग़म गुसारों की बात करते हो किन सहारों की बात करते हो हम सभी मौसमों से गुज़रे हैं क्यों बहारों की बात करते हो जिनकी बुनियाद का वजूद नहीं उन…

मेरे हाथों की लकीरों में मोहब्बत लिख दे 

मेरे हाथों की लकीरों में मोहब्बत लिख दे मेरे क़ातिब मेरी तक़दीर में रहमत लिख दे वो जो मेरा है वही रूठ गया है मुझसे उसके दिल में तू मेरे…

नाज़बरदारियाँ नहीं होतीं

नाज़बरदारियाँ नहीं होतीं हमसे मक़्क़ारियाँ नहीं होतीं दिल में जो है वही ज़बान पे है हमसे अय्यारियाँ नहीं होतीं कम न होती ज़मीं ये जन्नत से गर ये बदकारियाँ नहीं…