Tag Archives: yaad

कभी यूँ मिलें कोई मसलेहत

कभी यूँ मिलें कोई मसलेहत, कोई ख़ौफ़ दिल में ज़रा न हो मुझे अपनी कोई ख़बर न हो, तुझे अपना कोई पता न हो वो फ़िराक़ हो या विसाल हो,…

वफ़ा को आज़माना चाहिए था

वफ़ा को आज़माना चाहिए था, हमारा दिल दुखाना चाहिए था आना न आना मेरी मर्ज़ी है, तुमको तो बुलाना चाहिए था हमारी ख्वाहिश एक घर की थी, उसे सारा ज़माना…

रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता हैं

रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता हैं चाँद पागल हैं अंधेरे में निकल पड़ता हैं मैं समंदर हूँ कुल्हाड़ी से नहीं कट सकता कोई फव्वारा नही हूँ जो उबल…

बिन मेरे

  इक सफर पर मैं रहा, बिन मेरे उस जगह दिल खुल गया, बिन मेरे वो चाँद जो मुझ से छिप गया पूरा रुख़ पर रुख़ रख कर मेरे, बिन…

अज्मतें सब तिरी ख़ुदाई की

अज्मतें सब तिरी ख़ुदाई की हैसियत क्या मिरी इकाई की मेरे होंठों के फूल सूख गए तुमने क्या मुझसे बेवफाई की सब मिरे हाथ पाँव लफ्ज़ों के और आँखें भी…

याद किसी की चांदनी बन कर कोठे-कोठे छिटकी है

याद किसी की चांदनी बन कर कोठे-कोठे छिटकी है याद किसी की धूप हुई है ज़ीना-ज़ीना उतरी है रात की रानी सहने-चमन में गेसू खोले सोती है रात बॆ रात…

जुगनू कोई सितारों की महफ़िल में खो गया 

जुगनू कोई सितारों की महफ़िल में खो गया इतना न कर मलाल जो होना था हो गया परवरदिगार जानता है तू दिलों का हाल मैं जी न पाऊँगा जो उसे…

जहाँ पेड़ पर चार दाने लगे

जहाँ पेड़ पर चार दाने लगे हज़ारों तरफ़ से निशाने लगे हुई शाम यादों के इक गाँव में परिंदे उदासी के आने लगे घड़ी दो घड़ी मुझको पलकों पे रख…

मेरे क़ाबू में न पहरों दिल-ए-नाशाद आया

मेरे क़ाबू में न पहरों दिल-ए-नाशाद आया वो मेरा भूलने वाला जो मुझे याद आया दी मुअज्जिन ने शब-ए-वस्ल अज़ान पिछली रात हाए कम-बख्त के किस वक्त ख़ुदा याद आया…

फिरे राह से वो यहाँ आते आते

फिरे राह से वो यहाँ आते आते अजल मेरी रही तू कहाँ आते आते मुझे याद करने से ये मुद्दा था निकल जाए दम हिचकियां आते आते कलेजा मेरे मुंह…