Tag Archives: sufi shayri

म्हारो अरजी

तुम सुणो जी म्हारो अरजी। भवसागर में बही जात हूँ काढ़ो तो थारी मरजी। इण संसार सगो नहिं कोई सांचा सगा रघुबरजी।। मात-पिता और कुटम कबीलो सब मतलब के गरजी।…

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी। किती बेर मोहि दूध पियत भइ यह अजहूं है छोटी॥ तू जो कहति बल की बेनी ज्यों ह्वै है लांबी मोटी। काढ़त गुहत न्हवावत जैहै नागिन-सी…

अपणे करम को वै छै दोस

अपणे करम को वै छै दोस, काकूं दीजै रे ऊधो अपणे।।टेक।। सुणियो मेरी बगड़ पड़ोसण, गेले चलत लागी चोट। पहली ज्ञान मानहिं कीन्ही, मैं मत ताकी बाँधी पोट। मैं जाण्यूँ…

लतीफ़ा

लतीफ़ा एक तालीम है, ग़ौर से उस को सुनो मत बनो उसके मोहरे, ज़ाहिरा में मत बुनो संजीदा नहीं कुछ भी, लतीफ़ेबाज़ के लिए हर लतीफ़ा सीख है एक, आक़िलों…

दुश्वार

हज़रते ईसा से पूछा किसी ने जो था हुशियार इस हस्ती में चीज़ कया है सबसे ज़्यादा दुश्वार बोले ईसा सबसे दुश्वार ग़ुस्सा ख़ुदा का है प्यारे कि जहन्नुम भी…

बुरियां बुरियां बुरियां वे

बुरियां बुरियां बुरियां वे, असीं बुरियां वे लोका ।बुरियां कोल न बहु वे । तीरां ते तलवारां कोलों, तिक्खियां बिरहुं दियां छुरियां वे लोका ।1। लडि सज्जन परदेस सिधाणे, असीं…

दरद विछोड़े दा हाल

दरद विछोड़े दा हाल, नी मैं कैनूं आखां । सूलां मार दीवानी कीती, बिरहुं पया साडे ख़्याल, नी मैं कैनूं आखां । सूलां दी रोटी दुखां दा लावण, हड्डां दा…

डेख न मैंडे अवगुन डाहूं

डेख न मैंडे अवगुन डाहूं, तेरा नामु सत्तारी दा । तूं सुलतान सभो किछु सरदा, मालम है तैनूं हाल जिगर दा, तउ कोलों कछु नाहीं पड़दा, फोलि न ऐब विचारी…

चन्दीं हजार आलमु तूं केहड़ियां कुड़े

चन्दीं हजार आलमु तूं केहड़ियां कुड़े । चरेंदी आई लेलड़े, तुमेंदी उन्न कुड़े ।।उच्ची घाटी चढ़द्यां, तेरे कंडे पैर पुड़े । तैं जेहा मैं कोई न डिट्ठा, अग्गे होइ मुड़े…

चरखा मेरा रंगलड़ा रंग लालु

चरखा मेरा रंगलड़ा रंग लालु ।। जेवडु चरखा तेवडु मुन्ने, हुन कह गया, बारां पुन्ने, साईं कारन लोइन रुन्ने, रोइ वंञायआ हालु ।1। जेवडु चरखा तेवडु घुमायण, सभे आईआं सीस…

अमलां दे उपरि होग नबेड़ा

अमलां दे उपरि होग नबेड़ा, क्या सूफी क्या भंगी ।। जो रब्ब भावै सोई थीसी, साई बात है चंगी ।1। आपै एक अनेक कहावै, साहब है बहुरंगी ।2। कहै हुसैन…

आगे नैं डूंघी

आगे नैं डूंघी, मैं कित गुन लंघसां पारि ।। राति अन्नेरी पंधि दुराडा, साथी नहीयों नालि ।1। नालि मलाह दे अणबनि होई, उह सचे मैं कूड़ि विगोई, कै दरि करीं…