Tag Archives: romantic shayri

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी। किती बेर मोहि दूध पियत भइ यह अजहूं है छोटी॥ तू जो कहति बल की बेनी ज्यों ह्वै है लांबी मोटी। काढ़त गुहत न्हवावत जैहै नागिन-सी…

पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है by Meer taqi meer

पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है जाने न जाने गुल ही न जाने, बाग़ तो सारा जाने है लगने न दे बस हो तो उस के गौहर-ए-गोश के बाले तक…

इधर से अब्र उठकर जो गया है by meer taqi meer

इधर से अब्र उठकर जो गया है हमारी ख़ाक पर भी रो गया है मसाइब और थे पर दिल का जाना अजब इक सानीहा सा हो गया है मुकामिर-खाना-ऐ-आफाक वो…

2 line shayri by amir khusro

अपनी छवि बनाई के मैं तो पी के पास गई। जब छवि देखी पीहू की सो अपनी भूल गई।। अंगना तो परबत भयो, देहरी भई विदेस। जा बाबुल घर आपने,…

परदेसी बालम धन अकेली

परदेसी बालम धन अकेली मेरा बिदेसी घर आवना। बिर का दुख बहुत कठिन है प्रीतम अब आजावना। इस पार जमुना उस पार गंगा बीच चंदन का पेड़ ना। इस पेड़…

मेरा इंतज़ार करना

  हमें मिलने से कोई न रोक पायेगा  मेरे हाथ में तुम्हारे नाम की रेखा है  तुम मंज़िल हो मेरे इस सफ़र की  कितनी बार तुम्हें सपने में देखा है …

बहुत रही बाबुल घर दुल्हन, चल तोरे पी ने बुलाई। by Amir khusro

बहुत रही बाबुल घर दुल्हन, चल तोरे पी ने बुलाई। बहुत खेल खेली सखियन से, अन्त करी लरिकाई। न्हाय धोय के बस्तर पहिरे, सब ही सिंगार बनाई। बिदा करन को…

ऐ री सखी मोरे पिया घर आए

ऐ री सखी मोरे पिया घर आए भाग लगे इस आँगन को बल-बल जाऊँ मैं अपने पिया के, चरन लगायो निर्धन को। मैं तो खड़ी थी आस लगाए, मेंहदी कजरा…

जब यार देखा नैन भर दिल की गई चिंता उतर

जब यार देखा नैन भर दिल की गई चिंता उतर ऐसा नहीं कोई अजब राखे उसे समझाए कर । जब आँख से ओझल भया, तड़पन लगा मेरा जिया हक्का इलाही…

छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके

छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके प्रेम भटी का मदवा पिलाइके मतवारी कर लीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके गोरी गोरी बईयाँ, हरी हरी चूड़ियाँ बईयाँ पकड़ धर लीन्ही…

ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल, by amir khusro

ज़िहाल-ए मिस्कीं मकुन तगाफ़ुल, दुराये नैना बनाये बतियां । कि ताब-ए-हिजरां नदारम ऎ जान, न लेहो काहे लगाये छतियां । शबां-ए-हिजरां दरज़ चूं ज़ुल्फ़ वा रोज़-ए-वस्लत चो उम्र कोताह, सखि…