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हमने सब शे’र में सँवारे थे हमसे जितने सुख़न तुम्हारे थे

हमने सब शे’र में सँवारे थे हमसे जितने सुख़न तुम्हारे थे रंगों ख़ुश्बू के, हुस्नो-ख़ूबी के तुमसे थे जितने इस्तिआरे थे तेरे क़ौलो-क़रार से पहले अपने कुछ और भी सहारे…

कर गई काम वो नज़र, गो उसे आज देखकर

कर गई काम वो नज़र, गो उसे आज देखकर. दर्द भी उठ सका नहीं,रंग भी उड़ सका नहीं. तेरी कशीदगी में आज शाने-सुपुर्दगी भी है. हुस्न के वश में क्या…

ए ज़ज़्बे निहां और कोई है कि वही है

ए ज़ज़्बे निहां और कोई है कि वही है खिलवत कदा ए दिल में आवाज हुई है कह दे जरा सर तेरे दामन में छुपा लूं और यूं तो मुकद्दर…

रंग और नूर की बारात किसे पेश करूँ

रंग और नूर की बारात किसे पेश करूँ ये मुरादों की हंसीं रात किसे पेश करूँ, किसे पेश करूँ मैने जज़बात निभाए हैं उसूलों की जगह अपने अरमान पिरो लाया…

किसी को उदास देख कर

तुम्हें उदास सा पाता हूँ मैं काई दिन से ना जाने कौन से सदमे उठा रही हो तुम वो शोख़ियाँ, वो तबस्सुम, वो कहकहे न रहे हर एक चीज़ को…

एक तस्वीर

सुबह की धूप खुली शाम का रूप फ़ाख़्ताओं की तरह सोच में डूबे तालाब अज़नबी शहर के आकाश धुंधलकों की किताब पाठशाला में चहकते हुए मासूम गुलाब घर के आँगन…

तौबा 1

  तन मेरा और रग मेरी तुम से भरी हुईं है तौबा को रखने की मुझ में जगह नहीं है तो तय है कि तौबा को दिल से निकाल दूं…

तेरी महफ़िल में यह कसरत कभी थी

तेरी महफ़िल में यह कसरत कभी थी हमारे रंग की सोहबत कभी थी इस आज़ादी में वहशत कभी थी मुझे अपने से भी नफ़रत कभी थी हमारा दिल, हमारा दिल…

हुस्न-ए-अदा भी खूबी-ए-सीरत में चाहिए,

हुस्न-ए-अदा भी खूबी-ए-सीरत में चाहिए, यह बढ़ती दौलत, ऐसी ही दौलत में चाहिए। आ जाए राह-ए-रास्त पर काफ़िर तेरा मिज़ाज, इक बंदा-ए-ख़ुदा तेरी ख़िदमत में चाहिए । देखे कुछ उनके…