Tag Archives: raaste

बिन मेरे

  इक सफर पर मैं रहा, बिन मेरे उस जगह दिल खुल गया, बिन मेरे वो चाँद जो मुझ से छिप गया पूरा रुख़ पर रुख़ रख कर मेरे, बिन…

कौन आया रास्ते आईनाख़ाने हो गए

कौन आया रास्ते आईनाख़ाने हो गए रात रौशन हो गई दिन भी सुहाने हो गए क्यों हवेली के उजड़ने का मुझे अफ़सोस हो सैकड़ों बेघर परिंदों के ठिकाने हो गए…

सन्नाटा क्या चुपके-चुपके कहता है

सन्नाटा क्या चुपके-चुपके कहता है सारी दुनिया किसका रैन-बसेरा है आसमान के दोनों कोनों के आख़िर एक सितारा तेरा है, इक मेरा है अंडा मछली छूकर जिनको पाप लगे उनका…

रेत भरी है इन आँखों में आँसू से तुम धो लेना 

रेत भरी है इन आँखों में आँसू से तुम धो लेना कोई सूखा पेड़ मिले तो उससे लिपट के रो लेना इसके बाद बहुत तन्हा हो जैसे जंगल का रास्ता…

उदास आँखों से आँसू नहीं निकलते हैं

उदास आँखों से आँसू नहीं निकलते हैं ये मोतियों की तरह सीपियों में पलते हैं घने धुएँ में फ़रिश्ते भी आँखें मलते हैं तमाम रात खजूरों के पेड़ जलते हैं…