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तिरी उमीद, तिरा इंतज़ार जब से है

तिरी उमीद, तिरा इंतज़ार जब से है न शब को दिन से शिकायत न दिन को शब से है किसी का दर्द हो करते हैं तेरे नाम रक़म गिला है…

रंग पैराहन का, ख़ुशबू जुल्फ़ लहराने का नाम

रंग पैराहन का, ख़ुशबू जुल्फ़ लहराने का नाम मौसमे गुल है तुम्हारे बाम पर आने का नाम दोस्तो, उस चश्म-ओ-लब की कुछ कहो जिसके बग़ैर गुलसिताँ की बात रंगीं है,…

वो चांदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है

वो चांदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है बहुत अज़ीज़ हमें है मगर पराया है उतर भी आओ कभी आसमाँ के ज़ीने से तुम्हें ख़ुदा ने हमारे लिये बनाया है…

नाम उसी का नाम सवेरे शाम लिखा शे’र लिखा या ख़त उसको गुमनाम लिखा

नाम उसी का नाम सवेरे शाम लिखा शे’र लिखा या ख़त उसको गुमनाम लिखा उस दिन पहला फूल लिखा जब पतझड़ ने पत्ती-पत्ती जोड़ के तेरा नाम लिखा उस बच्चे…

वक़्ते-रुख़सत कहीं तारे कहीं जुगनू आए हार पहनाने मुझे फूल से बाजू आए

वक़्ते-रुख़सत कहीं तारे कहीं जुगनू आए हार पहनाने मुझे फूल से बाजू आए बस गई है मेरे अहसास में ये कैसी महक कोई ख़ुशबू मैं लगाऊँ, तेरी ख़ुशबू आए इन…

फूल सा कुछ कलाम और सही एक ग़ज़ल उस के नाम और सही

फूल सा कुछ कलाम और सही एक ग़ज़ल उस के नाम और सही उस की ज़ुल्फ़ें बहुत घनेरी हैं एक शब का क़याम और सही ज़िन्दगी के उदास क़िस्से में…

याद अब ख़ुद को आ रहे हैं हम

याद अब ख़ुद को आ रहे हैं हम कुछ दिनों तक ख़ुदा रहे हैं हम आरज़ूओं के सुर्ख़ फूलों से दिल की बस्ती सजा रहे हैं हम आज तो अपनी…

जन्म-कुंडली

फूलों पर पड़े-पड़े अकसर मैंने ओस के बारे में सोचा है – किरणों की नोकों से ठहराकर ज्योति-बिन्दु फूलों पर किस ज्योतिर्विद ने इस जगमग खगोल की जटिल जन्म-कुंडली बनायी…

आह्वान

फूलों का गीला सौरभ पी बेसुध सा हो मन्द समीर, भेद रहे हों नैश तिमिर को मेघों के बूँदों के तीर। नीलम-मन्दिर की हीरक— प्रतिमा सी हो चपला निस्पन्द, सजल…

उस पार

घोर तम छाया चारों ओर घटायें घिर आईं घन घोर; वेग मारुत का है प्रतिकूल हिले जाते हैं पर्वत मूल; गरजता सागर बारम्बार, कौन पहुँचा देगा उस पार? तरंगें उठीं…

अभिमान

छाया की आँखमिचौनी मेघों का मतवालापन, रजनी के श्याम कपोलों पर ढरकीले श्रम के कन, फूलों की मीठी चितवन नभ की ये दीपावलियाँ, पीले मुख पर संध्या के वे किरणों…