Tag Archives: mohabbat

सरज़मीने-यास

जीने से दिल बेज़ार है हर सांस एक आज़ार है कितनी हज़ीं है ज़िंदगी अंदोह-गीं है ज़िंदगी वी बज़्मे-अहबाबे-वतन वी हमनवायाने-सुखन आते हैं जिस दम याद अब करते हैं दिल…

ख़ुद्दारियों के ख़ून को अरज़ाँ न कर

ख़ुद्दारियों के ख़ून को अरज़ाँ न कर सके हम अपने जौहरों को नुमायाँ न कर सके होकर ख़राब-ए-मय तेरे ग़म तो भुला दिये लेकिन ग़म-ए-हयात का दरमाँ न कर सके…

जब इतनी जाँ से मोहब्बत बढ़ा के रक्खी थी

जब इतनी जाँ से मोहब्बत बढ़ा के रक्खी थी तो क्यूँ करीब-ए-हवा शम्मा ला के रक्खी थी फ़लक ने भी न ठिकाना कहीं दिया हम को मकाँ की नीव ज़मीं…

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी। किती बेर मोहि दूध पियत भइ यह अजहूं है छोटी॥ तू जो कहति बल की बेनी ज्यों ह्वै है लांबी मोटी। काढ़त गुहत न्हवावत जैहै नागिन-सी…

मौला मेरे कर अहसान 

तेरे मेरे क्या दरमियान क्या राज क्या पहचान तू मेरी जात  और मुझसे तेरी पहचान खुदा रहे बस अब यु मेहरबान मौला मेरे कर अहसान इश्क़ अल्लाह का नाम दूजा इश्क़…

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा । इतना मत चाहो उसे, वो बेवफ़ा हो जाएगा । हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ़ भी चल…

होंठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते

होंठों पे मुहब्बत के फ़साने नहीं आते साहिल पे समुंदर के ख़ज़ाने नहीं आते पलकें भी चमक उठती हैं सोते में हमारी आँखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते दिल…

सर से पा तक वो गुलाबों का शजर लगता है 

सर से पा तक वो गुलाबों का शजर लगता है बावज़ू हो के भी छूते हुए डर लगता है मैं तिरे साथ सितारों से गुज़र सकता हूँ कितना आसान मोहब्बत का…

मेरे दिल की राख कुरेद मत

मेरे दिल की राख कुरेद मत इसे मुस्करा के हवा न दे ये चराग़ फिर भी चराग़ है कहीं तेरा हाथ जला न दे मैं उदासियाँ न सजा सकूँ कभी…

अब किसे चाहें किसे ढूँढा करें

अब किसे चाहें किसे ढूँढा करें वो भी आख़िर मिल गया अब क्या करें हल्की-हल्की बारिशें होती रहें हम भी फूलों की तरह भीगा करें आँख मूँदे उस गुलाबी धूप…

हर जनम में उसी की चाहत थे

हर जनम में उसी की चाहत थे हम किसी और की अमानत थे उसकी आँखों में झिलमिलाती हुई, हम ग़ज़ल की कोई अलामत थे तेरी चादर में तन समेट लिया,…

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला घरों पे नाम थे, नामों के साथ ओहदे थे बहुत तलाश किया कोई आदमी…