Tag Archives: mahfil

तुम्हारे साथ का मौसम बहारों के सरीखा था

तुम्हारे साथ का मौसम बहारों के सरीखा था। हमने गम में भी हंसना तुम्हारे साथ सीखा था॥ तुम्हीं ने जिन्दगी बदली, बदल फिर तुम गए कैसे? अब तो जिन्दगी का…

उज़्र आने में भी है और बुलाते भी नहीं

उज़्र आने में भी है और बुलाते भी नहीं बाइस-ए-तर्क-ए मुलाक़ात बताते भी नहीं मुंतज़िर हैं दमे रुख़सत के ये मर जाए तो जाएँ फिर ये एहसान के हम छोड़…

जुगनू कोई सितारों की महफ़िल में खो गया

जुगनू कोई सितारों की महफ़िल में खो गया इतना न कर मलाल जो होना था हो गया परवरदिगार जानता है तू दिलों का हाल मैं जी न पाऊँगा जो उसे…

जुगनू कोई सितारों की महफ़िल में खो गया 

जुगनू कोई सितारों की महफ़िल में खो गया इतना न कर मलाल जो होना था हो गया परवरदिगार जानता है तू दिलों का हाल मैं जी न पाऊँगा जो उसे…

तेरी महफ़िल में यह कसरत कभी थी

तेरी महफ़िल में यह कसरत कभी थी हमारे रंग की सोहबत कभी थी इस आज़ादी में वहशत कभी थी मुझे अपने से भी नफ़रत कभी थी हमारा दिल, हमारा दिल…

मेरे क़ाबू में न पहरों दिल-ए-नाशाद आया

मेरे क़ाबू में न पहरों दिल-ए-नाशाद आया वो मेरा भूलने वाला जो मुझे याद आया दी मुअज्जिन ने शब-ए-वस्ल अज़ान पिछली रात हाए कम-बख्त के किस वक्त ख़ुदा याद आया…

कहाँ ले जाऊँ दिल दोनों जहाँ में इसकी मुश्क़िल है ।

कहाँ ले जाऊँ दिल दोनों जहाँ में इसकी मुश्क़िल है । यहाँ परियों का मजमा है, वहाँ हूरों की महफ़िल है । इलाही कैसी-कैसी सूरतें तूने बनाई हैं, हर सूरत…