Tag Archives: love shayri

सियाहियों के बने हर्फ़-हर्फ़ धोते हैं

सियाहियों के बने हर्फ़-हर्फ़ धोते हैं ये लोग रात में काग़ज़ कहाँ भिगोते हैं किसी की राह में दहलीज़ पर दिया न रखो किवाड़ सूखी हुई लकड़ियों के होते हैं…

पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है by Meer taqi meer

पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है जाने न जाने गुल ही न जाने, बाग़ तो सारा जाने है लगने न दे बस हो तो उस के गौहर-ए-गोश के बाले तक…

था मुस्तेआर हुस्न से उसके जो नूर

था मुस्तेआर हुस्न से उसके जो नूर था ख़ुर्शीद में भी उस ही का ज़र्रा ज़हूर था हंगामा गर्म कुन जो दिले-नासुबूर था पैदा हर एक नाला-ए-शोरे-नशूर था पहुँचा जो आप को…

2 line shayri by amir khusro

अपनी छवि बनाई के मैं तो पी के पास गई। जब छवि देखी पीहू की सो अपनी भूल गई।। अंगना तो परबत भयो, देहरी भई विदेस। जा बाबुल घर आपने,…

परदेसी बालम धन अकेली

परदेसी बालम धन अकेली मेरा बिदेसी घर आवना। बिर का दुख बहुत कठिन है प्रीतम अब आजावना। इस पार जमुना उस पार गंगा बीच चंदन का पेड़ ना। इस पेड़…

मेरा इंतज़ार करना

  हमें मिलने से कोई न रोक पायेगा  मेरे हाथ में तुम्हारे नाम की रेखा है  तुम मंज़िल हो मेरे इस सफ़र की  कितनी बार तुम्हें सपने में देखा है …

बहुत रही बाबुल घर दुल्हन, चल तोरे पी ने बुलाई। by Amir khusro

बहुत रही बाबुल घर दुल्हन, चल तोरे पी ने बुलाई। बहुत खेल खेली सखियन से, अन्त करी लरिकाई। न्हाय धोय के बस्तर पहिरे, सब ही सिंगार बनाई। बिदा करन को…

जब यार देखा नैन भर दिल की गई चिंता उतर

जब यार देखा नैन भर दिल की गई चिंता उतर ऐसा नहीं कोई अजब राखे उसे समझाए कर । जब आँख से ओझल भया, तड़पन लगा मेरा जिया हक्का इलाही…

छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके

छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके प्रेम भटी का मदवा पिलाइके मतवारी कर लीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके गोरी गोरी बईयाँ, हरी हरी चूड़ियाँ बईयाँ पकड़ धर लीन्ही…