Tag Archives: khuda

नायाब इल्म

सोने और रुपये से भर जाय जंगल अगर बिना मर्ज़ी ख़ुदा की ले नहीं सकते कंकर सौ किताबें तुम पढ़ो अगर कहीं रुके बिना नुक़्ता ना रहे याद खुदा की…

दुश्वार

हज़रते ईसा से पूछा किसी ने जो था हुशियार इस हस्ती में चीज़ कया है सबसे ज़्यादा दुश्वार बोले ईसा सबसे दुश्वार ग़ुस्सा ख़ुदा का है प्यारे कि जहन्नुम भी…

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा । इतना मत चाहो उसे, वो बेवफ़ा हो जाएगा । हम भी दरिया हैं, हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ़ भी चल…

सियाहियों के बने हर्फ़-हर्फ़ धोते हैं

सियाहियों के बने हर्फ़-हर्फ़ धोते हैं ये लोग रात में काग़ज़ कहाँ भिगोते हैं किसी की राह में दहलीज़ पर दिया न रखो किवाड़ सूखी हुई लकड़ियों के होते हैं…

अज्मतें सब तिरी ख़ुदाई की

अज्मतें सब तिरी ख़ुदाई की हैसियत क्या मिरी इकाई की मेरे होंठों के फूल सूख गए तुमने क्या मुझसे बेवफाई की सब मिरे हाथ पाँव लफ्ज़ों के और आँखें भी…

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला घरों पे नाम थे, नामों के साथ ओहदे थे बहुत तलाश किया कोई आदमी…

वो चांदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है

वो चांदनी का बदन ख़ुशबुओं का साया है बहुत अज़ीज़ हमें है मगर पराया है उतर भी आओ कभी आसमाँ के ज़ीने से तुम्हें ख़ुदा ने हमारे लिये बनाया है…

उसको आईना बनाया, धूप का चेहरा मुझे 

उसको आईना बनाया, धूप का चेहरा मुझे रास्ता फूलों का सबको, आग का दरिया मुझे चाँद चेहरा, जुल्फ दरिया, बात खुशबू, दिल चमन इन तुम्हें देकर ख़ुदा ने दे दिया…

शौक़ है उसको ख़ुदनुमाई का

शौक़ है उसको ख़ुदनुमाई का अब ख़ुदा हाफ़िज़, इस ख़ुदाई का वस्ल पैग़ाम है जुदाई का मौत अंजाम आशनाई का दे दिया रंज इक ख़ुदाई का सत्यानाश हो जुदाई का…

अच्छी सूरत पे ग़ज़ब टूट के आना दिल का

अच्छी सूरत पे ग़ज़ब टूट के आना दिल का याद आता है हमें हाय! ज़माना दिल का तुम भी मुँह चूम लो बेसाख़ता प्यार आ जाए मैं सुनाऊँ जो कभी…

बुतान-ए-माहवश उजड़ी हुई मंज़िल में रहते हैं

बुतान-ए-माहवश उजड़ी हुई मंज़िल में रहते हैं के जिस की जान जाती है उसी के दिल में रहते हैं हज़ारों हसरतें वो हैं कि रोके से नहीं रुकतीं बहोत अर्मान…

डरते हैं चश्म-ओ-ज़ुल्फ़

डरते हैं चश्म-ओ-ज़ुल्फ़, निगाह-ओ-अदा से हम हर दम पनाह माँगते हैं हर बला से हम माशूक़ जाए हूर मिले, मय बजाए आब महशर में दो सवाल करेंगे ख़ुदा से हम…