Tag Archives: ishq

मौला मेरे कर अहसान 

तेरे मेरे क्या दरमियान क्या राज क्या पहचान तू मेरी जात  और मुझसे तेरी पहचान खुदा रहे बस अब यु मेहरबान मौला मेरे कर अहसान इश्क़ अल्लाह का नाम दूजा इश्क़…

आशक होवैं तां इशक कमावैं ।।

आशक होवैं तां इशक कमावैं ।। राह इशक दा सूई दा नक्का, तागा होवे तां जावैं ।1। बाहर पाक अन्दर आलूदा, क्या तूं शेख कहावैं ।2। कहै हुसैन जे फारग…

ऐसा जगिआ ज्ञान पलीता ।

ऐसा जगिआ ज्ञान पलीता । ना हम हिन्दू ना तुर्क ज़रूरी, नाम इश्क दी है मनज़ूरी, आशक ने वर जीता, ऐसा जग्या ज्ञान पलीता । वेखो ठग्गां शोर मचाइआ, जंमना…

पर्दे पर्दे में अताब अच्छे नहीं

पर्दे पर्दे में अताब अच्छे नहीं ऐसे अन्दाज़-ए-हिजाब अच्छे नहीं मयकदे में हो गए चुपचाप क्यों आज कुछ मस्त-ए-शराब अच्छे नहीं ऐ फ़लक! क्या है ज़माने की बिसात दम-ब-दम के इन्क़लाब अच्छे…

उनके एक जां-निसार हम भी हैं

उनके एक जां-निसार हम भी हैं हैं जहाँ सौ-हज़ार हम भी हैं तुम भी बेचैन हम भी हैं बेचैन तुम भी हो बेक़रार हम भी हैं ऐ फ़लक कह तो…

लुत्फ़ इश्क़ में पाए हैं कि जी जानता है

लुत्फ़ इश्क़ में पाए हैं कि जी जानता है रंज भी इतने उठाए हैं कि जी जानता है जो ज़माने के सितम हैं वो ज़माना जाने तूने दिल इतने दुखाए…

पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है by Meer taqi meer

पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा हाल हमारा जाने है जाने न जाने गुल ही न जाने, बाग़ तो सारा जाने है लगने न दे बस हो तो उस के गौहर-ए-गोश के बाले तक…

था मुस्तेआर हुस्न से उसके जो नूर

था मुस्तेआर हुस्न से उसके जो नूर था ख़ुर्शीद में भी उस ही का ज़र्रा ज़हूर था हंगामा गर्म कुन जो दिले-नासुबूर था पैदा हर एक नाला-ए-शोरे-नशूर था पहुँचा जो आप को…

दिल-ऐ-पुर खूँ की इक गुलाबी से

दिल-ऐ-पुर खूँ की इक गुलाबी से उम्र भर हम रहे शराबी से दिल दहल जाए है सहर से आह रात गुज़रेगी किस खराबी से खिलना कम कम कली ने सीखा…

अश्क आंखों में कब नहीं आता

अश्क आंखों में कब नहीं आता लहू आता है जब नहीं आता। होश जाता नहीं रहा लेकिन जब वो आता है तब नहीं आता। दिल से रुखसत हुई कोई ख्वाहिश…