Tag Archives: ishq

इश्क़ मिन्नतकशे-क़रार नहीं हुस्न मज़बूरे-इंतज़ार नहीं

इश्क़ मिन्नतकशे-क़रार नहीं हुस्न मज़बूरे-इंतज़ार नहीं तेरी रंजिश की इंतिहा मालूम हसरतों का मिरी शुमार नहीं अपनी नज़रें बिखेर दे साक़ी मय ब‍अंदाज़ः-ए-ख़ुमार नहीं ज़ेरे-लब है अभी तबस्सुमे-दोस्त मुन्तशिर जल्वः-ए-बहार…

हुस्न-मरहूने-जोशे-बादः-ए-नाज़ इश्क़ मिन्नतकशे-फ़ुसूने-नियाज़

हुस्न-मरहूने-जोशे-बादः-ए-नाज़ इश्क़ मिन्नतकशे-फ़ुसूने-नियाज़ दिल का हर तार लरज़िशे-पैहम जाँ का हर रिश्तः वक़्फ़े-सोज़ो-गुदाज़ सोज़िशे-दर्दे-दिल-किसे मालूम कौन जाने किसी के इश्क़ का राज़ मेरी ख़ामोशियों में लरज़ाँ है मेरे नालों की…

हुस्न-मरहूने-जोशे-बादः-ए-नाज़

हुस्न-मरहूने-जोशे-बादः-ए-नाज़ इश्क़ मिन्नतकशे-फ़ुसूने-नियाज़ दिल का हर तार लरज़िशे-पैहम जाँ का हर रिश्तः वक़्फ़े-सोज़ो-गुदाज़ सोज़िशे-दर्दे-दिल-किसे मालूम कौन जाने किसी के इश्क़ का राज़ मेरी ख़ामोशियों में लरज़ाँ है मेरे नालों की…

ख़बर-ए-तहय्युर-ए-इश्‍क़ सुन न जुनूँ रहा न परी रही

ख़बर-ए-तहय्युर-ए-इश्‍क़ सुन न जुनूँ रहा न परी रही न तो तू रहा न तो मैं रहा जो रही सो बे-ख़बरी रही शह-ए-बे-ख़ुदी ने अता किया मुझे अब लिबास-ए-बरहनगी न ख़िरद…

कौन कहता है जफ़ा करते हो तुम शर्त-ए-माशूक़ी वफ़ा करते हो तुम

कौन कहता है जफ़ा करते हो तुम शर्त-ए-माशूक़ी वफ़ा करते हो तुम मुस्कुरा कर मोड़ लेते हो भवें ख़ूब अदा का हक़ अदा करते हो तुम हम शहीदों पर सितम…

हुआ है मेहरबाँ वो मू-कमर आहिस्ता आहिस्ता

हुआ है मेहरबाँ वो मू-कमर आहिस्ता आहिस्ता क्या मुझ आह ने शायद असर आहिस्ता आहिस्ता किया है मुस्कुरा कर बात मिस्ल-ए-फूल गुल-रू ने निहाल-ए-इश्‍क़ ने लाया समर आहिस्ता आहिस्ता पिला…

हर किसी कूँ गुज़र-ए-इश्‍क़ में आनाँ मुश्किल राह सीधी है वले राह कूँ पानाँ मुश्किल

हर किसी कूँ गुज़र-ए-इश्‍क़ में आनाँ मुश्किल राह सीधी है वले राह कूँ पानाँ मुश्किल किस तरह कीजिए फ़िक्र-ए-शरर-अफ़शानी-ए-अश्‍क जब कि पानी में लगी आग बुझानाँ मुश्किल ख़ूब लगती है…

मुस्कुरा कर आशिक़ों पर मेहरबानी कीजिए

मुस्कुरा कर आशिक़ों पर मेहरबानी कीजिए बुलबुलों की पास-ए-ख़ातिर गुल-फ़िशानी कीजिए इश्‍क़ ने अज़-बस दिया है ज़र्द-रंगी का रिवाज अर्ग़वानी आँसुओं कूँ जाफ़रानी कीजिए मय-कश-ए-ग़म कूँ शब-ए-महताब है मू-ए-सफेद मौसम-ए-पीरी…

आ फँसा हूँ हिज्र के जंजाल में

आ फँसा हूँ हिज्र के जंजाल में अब मुझे ताक़त नहीं इस हाल में आक़िलों कूँ गरचे है फ़िक्र-ए-रसा बंद हैं तुझ ज़ुल्फ़ के इशकाल में हूँ शब-ए-हिज्राँ में मोहताज-ए-विसाल…

आह वो मंज़िले-मुराद,दूर भी है क़रीब भी

आह वो मंज़िले-मुराद,दूर भी है क़रीब भी. देर हुई कि क़ाफ़िले उसकी तरफ़ रवाँ नहीं. दैरो-हरम है गर्दे-राह,नक्शे-क़दम हैं मेहरो-माह. इनमें कोई भी इश्क़ की मंज़िले-कारवाँ नहीं. किसने सदा-ए-दर्द दी,किसकी…

इश्क़ तो दुनिया का राजा है

इश्क़ तो दुनिया का राजा है. किस कारन वैराग लिया है. ज़र्रा-ज़र्रा काँप रहा है. किसके दिल में दर्द उठा है. रोकर इश्क़ ख़ामोश हुआ है. वक़्त सुहाना अब आया…

इश्क़-बेबाक को रोके हुए है और ही कुछ,

इश्क़-बेबाक को रोके हुए है और ही कुछ, ख़्वाब-आलूदा निगाहें तेरी बेदार सही. तेरी आहिस्ता-खिरामी भी सुकूने-दिल है, इस रविश में भी तेरी शोखी-ए-रफ़्तार सही. कारवानों को वो गुमराह न…