Tag Archives: duniya

अब किसे चाहें किसे ढूँढा करें

अब किसे चाहें किसे ढूँढा करें वो भी आख़िर मिल गया अब क्या करें हल्की-हल्की बारिशें होती रहें हम भी फूलों की तरह भीगा करें आँख मूँदे उस गुलाबी धूप…

सन्नाटा क्या चुपके-चुपके कहता है

सन्नाटा क्या चुपके-चुपके कहता है सारी दुनिया किसका रैन-बसेरा है आसमान के दोनों कोनों के आख़िर एक सितारा तेरा है, इक मेरा है अंडा मछली छूकर जिनको पाप लगे उनका…

असां बहुड़ि ना दुनियां आवना

असां बहुड़ि ना दुनियां आवना ।। सदा ना फलनि तोरियां सदा ना लगिदे नी सावना ।1। सोई कंमु विचारि के कीजीऐ जी, जां ते अंतु नहीं पछुतावना ।2। कहै शाह…

अनी सईयो नीं,

अनी सईयो नीं, मैं कत्तदी कत्तदी हुट्टी, अत्तन दे विच गोड़े रुलदे, हथि विच रह गई जुटी ।1। सारे वर्हे विच छल्ली इक कत्ती, काग मरेंदा झुट्टी ।1। सेजे आवां…

रस्म-ए-उल्फ़त सिखा गया कोई

रस्म-ए-उल्फ़त सिखा गया कोई दिल की दुनिया पे छा गया कोई ता कयामत किसी तरह न बुझे आग ऐसी लगा गया कोई दिल की दुनिया उजाड़ सी क्यूं है क्या…

न तो कुछ कुफ़्र है, न दीं कुछ है

न तो कुछ कुफ़्र है, न दीं कुछ है है अगर कुछ, तेरा यकीं कुछ है है मुहब्बत जो हमनशीं कुछ है और इसके सिवा नहीं कुछ है दैरो-काबा में…

पिंजरे में मुनिया

मुंशी कि क्लर्क या ज़मींदार लाज़िम है कलेक्टरी का दीदार हंगामा ये वोट का फ़क़त है मतलूब हरेक से दस्तख़त है हर सिम्त मची हुई है हलचल हर दर पे…

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ बाज़ार से गुज़रा हूँ, ख़रीददार नहीं हूँ ज़िन्दा हूँ मगर ज़ीस्त की लज़्ज़त नहीं बाक़ी हर चंद कि हूँ होश में, होशियार नहीं हूँ इस…