Tag Archives: aasman

गुम है इक कैफ़ में फ़ज़ा-ए-हयात ख़ामुशी सिजदा-ए-नियाज़ में है

गुम है इक कैफ़ में फ़ज़ा-ए-हयात ख़ामुशी सिजदा-ए-नियाज़ में है हुसन-ए-मासूम ख़वाब-ए-नाज़ मैं है ऐ कि तू रंग-ओ-बू का तूफ़ां है ऐ कि तू जलवागर बहार में है ज़िन्दगी तेरे…

मैं ज़मीं ता आसमाँ, वो कैद आतिशदान में धूप रिश्ता बन गई,

मैं ज़मीं ता आसमाँ, वो कैद आतिशदान में धूप रिश्ता बन गई, सूरज में और इन्सान में मैं बहुत दिन तक सुनहरी धूप खा आँगन रहा एक दिन फिर यूँ…

जय हो,

जय हो, जय हो जय हो, जय हो आजा आजा जिंद शामियाने के तले, आजा ज़रीवाले नीले आसमान के तले जय हो, जय हो जय हो, जय हो रत्ती रत्ती…

वुसअते-बेकराँ में खो जायें

वुसअते-बेकराँ में खो जायें. आसमानों के राज़ हो जायें. क्या अजब तेरे चंद तर दामन. सबके दागे-गुनाह धो जायें. शादो-नाशाद हर तरह के हैं लोग. किस पे हँस जायें,किस पे…

कोई नयी ज़मीं हो, नया आसमाँ भी हो

कोई नयी ज़मीं हो, नया आसमाँ भी हो ए दिल अब उसके पास चले, वो जहाँ भी हो अफ़सुर्दगी- ए- इश्क़ में सोज़- ए- निहाँ भी हो यानी बुझे दिलों…

इस सुकूते ‍फ़िज़ा में खो जाएं  

इस सुकूते ‍फ़िज़ा में खो जाएं आसमानों के राज हो जाएं हाल सबका जुदा-जुदा ही सही किस पॅ हँस जाएं किस पॅ रो जाएं राह में आने वाली नस्लों के…

अक़ायद वहम है मज़हब ख़याल-ए-ख़ाम है साक़ी

अक़ायद वहम है मज़हब ख़याल-ए-ख़ाम है साक़ी अज़ल से ज़हन-ए-इन्सां बस्त-ए-औहाम है साक़ी हक़ीक़त-आशनाई अस्ल में गुम-कदर्ह-राही है उरूस-ए-आगही परवरदह-ए-अबहाम है साक़ी मुबारक हो जाईफ़ी को ख़िरद की फ़लसफ़ादानी जवानी…

चमक रही है परों में उड़ान की ख़ुश्बू

चमक रही है परों में उड़ान की ख़ुश्बू बुला रही है बहुत आसमान की ख़ुश्बू भटक रही है पुरानी दुलाइयाँ ओढे हवेलियों में मेरे ख़ानदान की ख़ुश्बू सुनाके कोई कहानी…

सन्नाटा क्या चुपके-चुपके कहता है

सन्नाटा क्या चुपके-चुपके कहता है सारी दुनिया किसका रैन-बसेरा है आसमान के दोनों कोनों के आख़िर एक सितारा तेरा है, इक मेरा है अंडा मछली छूकर जिनको पाप लगे उनका…